यूँ खुल के मुस्कुराके हर किसी से गम छुपाना ज़िन्दगी है,
कभी खुद के तो कभी दूसरों के काम आना ज़िन्दगी है,
मैं खुद को ढूंढता रहता था न जाने किन बिलों में,
बड़ी मुद्दत में जाना तुझ में मेरी ज़िन्दगी है.
मैं जब भी उसको अपनी ज़िन्दगी में खोजता हूँ,
यूँ लगता है के जैसे हर फ़साना ज़िन्दगी है.
यूँ दरिया को समंदर होने में अभी कुछ वक़्त बाकि है,
न जाने कब वो जानेगा रवानी ज़िन्दगी है.
ये मुमकिन है की कुछ लम्हों में कुछ न रह जाए,
हाँ जब तक है वो बाकि तब तलक ही ज़िन्दगी है.
Hey Man Hw r u!!!!!!!!!! I left my new number offline for u.....i dnt hv urs so i cnt cal u!!! Cal me whn u cn....ur off Fb/orkut?? Cudnt find u!...Anu
ReplyDeleteChck ur gmail a/c too...have resent my no on it.....Anu
ReplyDelete